महिलाओं से धोखाधड़ी मामलों पर शासन सख्त

महिलाओं से धोखाधड़ी मामलों पर शासन सख्त 

प्रभावित महिलाओं से अपील की हैं कि वे अपनी शिकायतें दर्ज कराएं
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य के कलेक्टरों को महिलाओं से धोखाधड़ी से जुड़े मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में फ्लोरा मैक्स, सप्तऋषि संस्थान जैसे संस्थानों द्वारा माइक्रो फाइनेंस/लोन दिलाने के बहाने महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के सदस्यों से ठगी के मामलों का उल्लेख किया गया हैं। 
              मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा गया कि यह घटनाएं कोरबा, बालोद सहित कई जिलों में सामने आई हैं। परिपत्र में संबंधित जिलों से इन मामलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई हैं। इसमें प्रभावित महिलाओं की संख्या, जांच की प्रगति, दर्ज एफआईआर और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए कहा गया हैं। 

विशेष निर्देश और कार्ययोजना की मांग - यदि यह धोखाधड़ी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के वित्तीय समावेशन शाखा के तहत चक्रिय निधि, सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज आदि से जुड़ी पाई जाती है, तो उसका उल्लेख भी अनिवार्य हैं। साथ ही यदि इस मामले में किसी अधिकारी, कर्मचारी या कैडर की संलिप्तता पाई जाती हैैं, तो उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई हैं। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और उसे तत्काल रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
                  जिला पंचायत बेमेतरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी टेकचंद्र अग्रवाल ने कहा कि इस संबंध में किसी को भी जानकारी देनी हो या शिकायत दर्ज करानी हो, तो जिला पंचायत कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी प्रभावित महिलाओं से अपील की हैैं कि वे अपनी शिकायतें दर्ज कराएं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकें। वहीं शासन ने जिलों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।