क्षेत्र में दो दिनों से शेर के घूमने, दिखाई देने का शोर

क्षेत्र में दो दिनों से शेर के घूमने, दिखाई देने का शोर 

संभावित क्षेत्रों में ग्राम मौहाभाठा, तेंदुभाठा, मोहतरा के खेतों में, ग्रामीणों में बरकरार दशहत व उत्सुकता

वन अधिकारीयों ने पद चिन्हों से लगाया जंगली जानवर होने की संभावन, नहीं कर पा रहें प्रमाणित 

प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों का देखने का दावा, मगर प्रमाण, सबूत नहीं 

वन विभाग सहित प्रसाशन मुस्तैद, बरत रहें सावधानी, एतिहात 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - जिलें केअंचल जिलें के साजा अंचल में कल गुरुवार से शेर के घूमने व देखे जाने का शोर व हो हल्ला बना हुआ हैैं, जो आज शुक्रवार तक चल रहा हैं। जन मानस में हड़कंप, दशहत व उत्सुकता बनी हुई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के ग्राम मौहाभाठा, तेंदुभाठा, मोहतरा के खेतों में शेर देखने का ग्रामीणों द्वारा दावा किया जा रहा हैं। जो आसपास के ग्रामों के खेतों में घूमने की बात कहीं जा रही हैं। इस सूचना पर वन विभाग सहित प्रसाशनिक अमला संभावित क्षेत्र में पहुंच कर एतिहात व सुरक्षा के तौर पर नजर बनाए हुए हैं। गुरुवार को सूचना मिलते ही वन विभाग सहित प्रशासन सक्रिय होकर तत्काल संभावित स्थल पर खोजबीन शुरू की, जिसमें देर रात तक किसी प्रकार दोबारा जानवर दिखने की पुष्टि नहीं हो पाई। वही आज शुक्रवार को नगर के समीप बिजली ऑफिस के समीप खेत में होने की बात सामने आई। जिस पर शासकीय अमला फिर दिनभर ड़टे रहें, मगर नतीजा शून्य रहा। 

जन मानस में हल्ला - क्षेत्र अंतर्गत पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे के गृहग्राम मौहाभाठा स्थित उनके कृषिभूमि में बाघ जैसा जंगली जानवर देखे जाने का शोर सामने आ रहा है। जिससे स्थानीय ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों को भारी भयभीत कर दिया है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को मौहाभाठा गाँव में पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे के खेत के समीप पर स्थानीय कुछ ग्रामीणों ने शेर जैसा जानवर घूमते देखा, जिसके बाद उन ग्रामीणों ने गाँव में इसकी सूचना दी। वही खबर फैलते ही वन विभाग की टीम व ग्रामीणों के द्वारा जंगली जानवर को ढूंढने का गहन प्रयास किया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। जिसके बाद प्रशासन की टीम मौहाभाठा से लेकर मोहगांव, मोहतरा, अतरझोला, सिंघनपुरी, देऊरगाँव, तेंदुभाठा, बासीन, बुधवारा सहित आसपास के अन्य गांवों में चौकन्ने रहने के लिये मुनादी कराई एवं उक्त क्षेत्र का बारीकी से जांच किया। हालांकि जानकारो का कहना हैैं कि इस इलाके में शेर व जंगली जानवर का मिलना नामुमकिन हैं, क्योंकि उक्त इलाके से वन अभ्यारण, नेशनल पार्क व टाईगर रिजर्व सैकड़ो किलोमीटर दूर अन्यत्र ज़िलों व प्रदेशो में स्थित हैं। साथ ही पचासों गाँव को पार कर स्थानीय क्षेत्र तक पहुंच पाना असम्भव है। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने बकायदा दूर से मोबाइल में उक्त जानवर को खेत में झाड़ियो के बीच देखते ही कैद कर की बात भी किया जा रहा। जिसे लोग शेर मानकर काफी भयभीत हो चुके है। जिसके चलते गुरुवार को दोपहर में मौहाभाठा से मोहतरा मार्ग के रास्ते पर आवागमन को भी रोकना पड़ा। हालांकि सन्दिग्ध जानवर के सम्बंध में दोबारा कोई जानकारी नहीं मिल पायी। वहीं आज शुक्रवार को फिर से देखने की खबर उड़ी, जो साजा के बिजली ऑफिस व तेंदुभाठा के आसपास के खेतों में होने की बात कही जाने लगी। जिस पर फिर वन विभाग का अमला संभावित क्षेत्र में पहुंच कर खोजबीन में जुट मगर हाथ कुछ भी नहीं लगा। 

अंचल हैं वन परिक्षेत्र से दूर - साजा अंचल वन परिक्षेत्र से सैकड़ो किलोमीटर दूर स्थित हैं, इस कारण इस अंचल में खुन्खार व खतरनाक जंगली जानवरों का आना या दिखने की संभावना नहीं के बराबर हैं। जबकि आमतौर पर साजा परिक्षेत्र में जँगली जानवर के रूप में लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी का दिखना स्वभाविक हैैं, जो स्थानीय खेतों में अक्सर विचरण करते पाए जाते हैैं, जो खतरनाक नहीं होते है। इस क्षेत्र में शेर, बाघ देखे जाने पर मामला काफी सुर्खियों में रहा। जिसके कारण लगातार दो दिनों से गाँव सहित आसपास के अंचल में लोगों का अप्रत्याशित जमावाड़ा व चर्चा देखने को मिला। 

जंगली जानवर देखने की सूचना मिलने पर तत्काल टीम सन्दिग्ध जगह पर पिंजरे के साथ पहुंची एवं दिनभर जानवर की तलाश खेतो में की गयी। किन्तु कोई जंगली जानवर नही मिला। पद चिन्हों से जंगली जानवरों के होने का अनुमान हैं, जानवर कोई भी हो सकता हैं। 
--------- पुनीत राम लसेल, रेंजर साजा