बेमेतरा में फिर गरमाई सियासत - पोस्टर, शिलालेख और आमंत्रण कार्ड विवाद से सियासी गलियारों में हलचल

शाला प्रवेश उत्सव के आमंत्रण कार्ड से प्रदेश नेता व छग राज्य अनुसूचित जाति आयोग सदस्य दयावंतधर बांधे का नाम गायब 

एक के बाद एक सामने आ रही प्रोटोकॉल संबंधी चूकों से उठे सवाल, आखिर बार-बार जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं के नाम-पद क्यों हो रहे गायब ? 
बेमेतरा 23 जुलाई 2026 - जिले में सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आमंत्रण कार्ड, पोस्टर एवं शिलालेख में जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं के नाम व फोटो को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते कुछ समय में लगातार सामने आए तीन चार मामलों ने अब बेमेतरा के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। 
     ताजा मामला नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला झिरिया में 24 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं नवागढ़ विधायक दयालदास बघेल मुख्य अतिथि तथा बेमेतरा विधायक दीपेश साहू अध्यक्षता करेंगे। आमंत्रण पत्र में भाजपा जिला अध्यक्ष अजय साहू सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थान दिया गया है। 
    हालांकि, इसी आमंत्रण कार्ड में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य एवं प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता दयावंतधर बांधे का नाम शामिल नहीं होने को लेकर अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि जब कार्यक्रम में पार्टी के कई स्थानीय पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है, तो प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता का नाम आमंत्रण पत्र से क्यों गायब है? 
बेमेतरा जिलें में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 21 जून को बेमेतरा के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के मंचीय कार्यक्रम के पोस्टर में साजा विधायक ईश्वर साहू की तस्वीर नहीं होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विधायक ईश्वर साहू ने नाराजगी जताते हुए मंचीय कार्यक्रम से बाहर निकलकर मीडिया के सामने अपनी बात रखी थी और पूरे मामले को अधिकारियों की लापरवाही बताते हुए संगठन स्तर तक शिकायत करने की बात कही थी। जिस पर कार्यक्रम व आयोजन के प्रभारी अधिकारी उनसे बार बार हाथ जोड़कर माफी मांग रहे थे एवं मानने की कोशिश कर रहे थे। 
   इसके बाद दूसरा मामला बुधवार को बेमेतरा में आयोजित एल्डरमैन शपथ ग्रहण समारोह एवं विकास कार्यों के भूमिपूजन - लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल एवं भाजपा जिला अध्यक्ष अजय साहू का नाम शिलालेख में शामिल नहीं होने को लेकर विवाद सामने आया। नाराजगी के चलते भाजपा जिला अध्यक्ष कार्यक्रम से वापस लौट गए। इस घटना ने भी राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरीं। 
       वहीं पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल के जन्मदिन के मौके पर भी देखने को मिला। जहां उनके बैनर/फ्लेक्स को शहर से हटाने का मामला भी देखा गया। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव के बेरला आगमन व जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में भी पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल के नाम नहीं होने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था। 
वहीं अब एक बार फिर विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के आमंत्रण कार्ड से प्रदेश के वरिष्ठ नेता दयावंतधर बांधे का नाम गायब होने से सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों को लेकर अब यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि क्या ये महज प्रशासनिक एवं प्रोटोकॉल संबंधी चूक हैं या फिर इनके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा है? 
          पोस्टर में विधायक की तस्वीर गायब, शिलालेख से जिला अध्यक्ष का नाम गायब, फ्लेक्स हटाना, कार्यक्रम में क्षेत्र के पूर्व विधायक को दरकिनार और अब आमंत्रण कार्ड से प्रदेश के वरिष्ठ नेता का नाम गायब - बेमेतरा में लगातार सामने आ रहे इन तीन चार मामलों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। 
      अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बार-बार सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में जन प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नेताओं के नाम और फोटो को लेकर ऐसी चूक क्यों हो रही है? क्या यह महज अधिकारियों की लापरवाही है या फिर इसके पीछे किसी स्तर पर राजनीतिक खींचतान और कुछ संदेश देने की कोशिश की जा रही है? 
    फिलहाल, तीनों चारों मामलों को लेकर बेमेतरा जिले की सियासत गरमा गई है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। 

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