बेमेतरा में मऊ व कठिया में अवैध रेत परिवहन पर जिला प्रशासन की कार्यवाही

11 रेत वाहन जब्त, तीन लाख रुपये से अधिक के अर्थदण्ड की होगी वसूली 

कार्यवाही में वाहनों के स्वामी व ड्राइवरों के नामों के साथ गाड़ियों का नंबर जारी नहीं करने से कार्यवाही लगती हैं सिर्फ खानापूर्ति 
बेमेतरा 15 जून 2026 - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) के अंतर्गत दिनांक 14 जून 2026 को खनिज रेत के अवैध परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई। 
     जांच के दौरान ग्राम मउ क्षेत्र में खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 07 वाहनों को जब्त कर थाना चंदनू की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया। 
    इसी प्रकार जेवरा-कठिया क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 04 वाहनों को जब्त कर थाना बेमेतरा के सुपुर्द किया गया। खनिज विभाग द्वारा सभी जब्त वाहनों के विरुद्ध अवैध खनिज परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। संबंधित मामलों में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23-ख के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लगभग 3 लाख रुपये से अधिक की अर्थदण्ड राशि वसूल कर प्रकरणों का प्रशमन किया जाएगा। 
      कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाए तथा ऐसे मामलों में सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा राजस्व हानि रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। 
जिला प्रशासन ने खनिज कारोबार से जुड़े सभी व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों से अपील की है कि वे खनिजों का परिवहन केवल वैध अनुमति एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप ही करें, अन्यथा नियमों के उल्लंघन पर कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

संशय - कार्यवाही खानापूर्ति या संरक्षण 
खनिज विभाग बेमेतरा की कार्यवाही में वाहनों के स्वामी व ड्राइवरों के नामों के साथ गाड़ियों का नंबर जारी नहीं करने से कार्यवाही सिर्फ खानापूर्ति लगती हैं। जब कार्यवाही की जा रही हैं तो फिर जानकारी छुपाकर क्या संदेश दिया जा रहा हैं। इस प्रकार की कार्यवाही तो दिखावा के साथ संरक्षण को प्रदर्शित करता हैं। इस प्रकार जानकारी छुपाने से अच्छा है कि कार्यवाही ही ना की जाए।