डीआईजी रामकृष्ण साहू ने रात्रि में थाना दाढ़ी का औचक निरीक्षण कर लिया जायजा

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यों में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश 

 चोरियो एवं अपराधो पर अंकुश लगाने हेतु रात्रि में गस्त, पेट्रोलिंग, कांबिंग गस्त करने दिए निर्देश 
बेमेतरा 24 मई 2026 - पुलिस उप महा निरीक्षक रामकृष्ण साहू (IPS) ने 23 मई 2026 को रात्रि में थाना दाढी का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था, पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था को परखना था। 
       निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी/कर्मचारियों का मनोबल बढाये जाने के साथ ही कानून व सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। उन्होनें चौकी में जनरल डायरी, ड्यूटी रजिस्टर और थाना की अन्य रजिस्टर व तख्ती चेक कर गहन निरीक्षण किया। 
    उन्होनें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी, सतर्कता और अनुशासन की जांच की गई। अपराधियों की सूची और बीट प्रणाली के बारे में जानकारी ली गई। उन्होंने वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त पत्रों का सही समय में निकाल करने एवं वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों का पालन करने, ई-साक्ष्य का उपयोग करने व समस्त स्टाफ को ड्यूटी के दौरान निर्धारित साफ सुथरी वर्दी धारण करने तथा रिपोर्ट करने आए महिला आगंतुक/रिपोर्टकर्ता से संयमित व्यवहार करने एवं उनकी रिपोर्ट को गंभीरता पूर्वक लेते हुए तत्काल उचित कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। 
      डीआईजी ने "सुशासन तिहार 2026" के मद्देनजर जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होने "सुशासन तिहार" में प्राप्त समस्याओं का समाधान करना और कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता एवं नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। 
  उन्होंने अवैध कारोबारियो, अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने तथा लंबित अपराधो, मर्ग, गुम, शिकायत का निकाल करने, लंबित स्थाई एवं गिरफ्तारी वारंट तामिल करने के निर्देश दिए गए। असमाजिक तत्वो के विरूद्ध अधिक से अधिक प्रतिबंधात्मक एवं बाउंड ओवर की कार्यवाही करने व असामाजिक तत्वों तथा निगरानी बदमाशों, गुण्डों, शराब पीकर हुल्लड/मारपीट करने वालों के विरूद्ध सख्त प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने निर्देश दिए गए। 
      डीआईजी ने समयबद्ध मामलों का शीघ्र निराकरण कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। तलाशी एवं जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य करते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। 
उन्होंने विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साइबर प्रहरी अभियान एवं त्रिनयन एप के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। “सशक्त एप” के माध्यम से वाहन चेकिंग को प्रभावी बनाने तथा स्मार्ट एवं हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। 
      डीआईजी ने सरप्राईज चेकिंग के माध्यम से वाहनों की सघन जांच करने, “सशक्त एप” के उपयोग को बढ़ाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस स्टैंड, चौपाटी आदि में नियमित चेकिंग एवं संदिग्ध व्यक्तियों ठेला, गुमटी संचालकों एवं फेरीवालों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। 
  उन्होंने सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने तथा सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से हॉट/बाजारों एवं ग्रामों, में जागरूकता अभियान चलाने आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। 
     डीआईजी ने कम्यूनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण हेतु मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने तथा विजिबल पुलिसिंग एवं चेकिंग अभियान को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण हेतु “ऑपरेशन मुस्कान” चलाने तथा संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। 
  बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें तथा जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों की गतिविधियों की जानकारी संकलित करें। निगरानी एवं सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत नजर रखें तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचनाएं नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करें। 
       उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सुदृढ़ करना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से सूचना तंत्र मजबूत होगा और क्षेत्र पर पुलिस का नियंत्रण बेहतर होगा। 
     औचक निरीक्षण के दौरान थाना दाढी से सहायक उप निरीक्षक रामकुमार दिवाकर, प्रधान आरक्षक अशरफ खान, आरक्षक बिरेन्द्र चंद्रवंशी, रतन श्रीवास, चंद्र पटेल सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।