डीआईजी रामकृष्ण साहू के निर्देश पर 05 नग भैंस-पड़वा से भरी पीकअप वाहन जप्त, एक नाबालिक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

जिला बेमेतरा के चौकी देवकर पुलिस की मवेशी तस्करी पर सख्त कार्यवाही 
बेमेतरा 04 मई 2026 - प्रार्थी वामन ताम्रकार उम्र 21 वर्ष एवं अन्य निवासी धमधा जिला दुर्ग गौवंश सेवकों ने चौकी देवकर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 03 मई 2026 को देर रात को गौ वंश की तस्करी कर कत्लखाना ले जाने की सूचना मिलने पर देवकर सुरही नदी ओवर ब्रिज के पास में गौ वंश (भैंस पड़वा) को वाहन पिकअप क्रमांक MH 35 AJ 4293 के चालक ईरसाद खान, साथी गोविन्द मरावी व एक अन्य साथी के द्वारा उक्त वाहन में बिना पशु खरीदी बिक्री रसीद कागजात के बिना चारा पानी भुसा दिए ठुस ठुस कर वाहन में कुरतापूर्वक भरकर परिवहन करते कत्लखाना ले जा रहे थे की रिपोर्ट पर आरोपीगणों के खिलाफ अपराध सदर धारा 325 BNS, छ.ग. कृषक पशु परि.अधि. 2004 की धारा 4, 6, 10, पशुओ के प्रति क्रुरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11, छ.ग. कृषक पशुओं का परिवहन अधिनियम 1978 की धारा 47 (ए), 47(सी),49(ए), 54(1)(2)(3),55(ए) एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 
उक्त घटना के संबंध में वरिष्ट अधिकारियो को अवगत कराया गया। जिस पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल आरोपी के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करने निर्देश दिए। जिसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, एसडीओपी बेरला विनय कुमार के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी देवकर उप निरीक्षक अलील चंद को अपराध विवेचना हेतु पुलिस चौकी स्टाफ के साथ लगाया गया। 
     प्रकरण में विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त पिकअप क्रमांक MH 35 AJ 4293 सहित 05 नग गौवंश (भैंस-पड़वा) कुल जुमला कीमती लगभग 576000 रूपये को जप्त किया गया। 
प्रकरण में आरोपी 01. ईरसाद खान पिता हनीफ खान उम्र 22 वर्ष निवासी चीमटोला थाना लांजी जिला बालाघाट (म.प्र.), 02. गोविन्द मरावी पिता स्व. सुखमन सिंह उम्र 70 वर्ष निवासी बगदेही थाना लांजी जिला बालाघाट (म.प्र.) को 03 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया एवं एक विधि के साथ संघर्षरत बालक को न्याय किशोर बोर्ड न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 
      उपरोक्त कार्यवाही में पुलिस चौकी प्रभारी देवकर उप निरीक्षक अलील चंद, सउनि छोटेलाल बंजारे, प्रधान आरक्षक उमाशंकर ठाकुर, ललित केरकेट्टा, आरक्षक दीपक सिंह, मुकेश पाल, मनीष वर्मा, भुषण मारकंडेय, अन्य स्टाफ व गौ सेवको की महत्वपूर्ण भुमिका रही।