अनुशासन ही पुलिस व्यवस्था की बुनियाद - डीआईजी रामकृष्ण साहू

डीआईजी रामकृष्ण साहू ने देर शाम रात पुलिस चौकी देवरबीजा का आकस्मिक निरीक्षण कर लिया जायजा 

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश  

विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के दिए निर्देश 
बेमेतरा 18 अप्रैल 2026 - पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने शुक्रवार की देर शाम रात पुलिस चौकी देवरबीजा का आकस्मिक निरीक्षण कर जायजा लिया। जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था, पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था को परखना था। 
       निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी/ कर्मचारियों का मनोबल बढाये जाने के साथ ही कानून व सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। उन्होनें चौकी में जनरल डायरी, ड्यूटी रजिस्टर, और चौकी की अन्य रजिस्टर, तख्ती चेक कर निरीक्षण किया। 
    उन्होनें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी, सतर्कता और अनुशासन की जांच की गई। अपराधियों की सूची और बीट प्रणाली के बारे में जानकारी ली गई। रात्रि गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए। लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और फरियादियों की समस्याओं को समय से हल करने के निर्देश दिए गए। 
       इसके उपरांत उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि थानों और चौकियों में आने वाले पीड़ितों की शिकायतों पर संवेदनशीलता से त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता में पुलिस की सकारात्मक छवि बनी रहे। उन्होंने दोहराया कि अनुशासन ही पुलिस व्यवस्था की बुनियाद है और किसी भी स्तर की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
       डीआईजी ने अवैध कारोबारियो, अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने तथा लंबित अपराधो, मर्ग, गुम, शिकायत का निकाल करने, लंबित स्थाई एवं गिरफ्तारी वारंट तामिल करने के निर्देश दिए गए। असमाजिकतत्वो के विरूद्ध अधिक से अधिक प्रतिबंधात्मक एवं बाउंड ओवर की कार्यवाही करने व असामाजिक तत्वों तथा निगरानी बदमाशों, गुण्डों, शराब पीकर हुल्लड/मारपीट करने वालों के विरूद्ध सख्त प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने निर्देश दिए गए। 
   उन्होनें समयबद्ध मामलों का शीघ्र निराकरण कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। तलाशी एवं जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य करते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। 
       कम्यूनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण हेतु मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने तथा विजिबल पुलिसिंग एवं चेकिंग अभियान को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण हेतु “ऑपरेशन मुस्कान” चलाने तथा संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। 
  उन्होनें विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साइबर प्रहरी अभियान एवं त्रिनयन एप के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। “सशक्त एप” के माध्यम से वाहन चेकिंग को प्रभावी बनाने तथा स्मार्ट एवं हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। 
     इस दौरान पुलिस चौकी देवरबीजा प्रभारी उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, पुलिस चौकी प्रभारी देवकर उप निरीक्षक अलील चंद एवं प्रधान आरक्षक नंदलाल चतुर्वेदी, आरक्षक रामगोपाल निषाद, पुरूषोत्तम पटेल, मुकेश सिंह राजपूत सहित चौकी देवरबीजा के अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।