लू (तापघात) से बचाव व प्रबंधन हेतु व्यापक दिशा-निर्देश जारी

जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर लू से बचाव, उपचार एवं प्रबंधन, लक्ष्ण कारण की दी जानकारी 
बेमेतरा 29 अप्रैल 2026 - जिले में बढ़ती गर्मी और हीट वेव (लू) की स्थिति को देखते हुए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव, उपचार एवं प्रबंधन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आमजन से सावधानी बरतने और जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। 

लू के लक्षण 
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लू लगने पर सिर में तेज दर्द और भारीपन, तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, शरीर में दर्द, शरीर का तापमान बढ़ने के बावजूद पसीना न आना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम होना, भूख में कमी और गंभीर स्थिति में बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तत्काल सतर्कता आवश्यक है। 

लू से बचाव के उपाय 
लू से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक न होने पर घर से बाहर न निकलें। बाहर जाने की स्थिति में सिर और चेहरे को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर निकलें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। गर्मी के दौरान हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनना चाहिए। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और फल का रस लेना लाभकारी होता है। धूप से लौटने के बाद छायादार स्थान पर विश्राम करना चाहिए और आवश्यकता होने पर 104 आरोग्य सेवा केंद्र से परामर्श लिया जा सकता है। 

लू लगने पर प्राथमिक उपचार 
यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाती है तो उसे तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर लिटाना चाहिए। उसके सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखी जाए और शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव किया जाए। पीड़ित को अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे ओआरएस, कच्चे आम का पना या जलजीरा दिया जाना चाहिए तथा उसे पंखे या ठंडी हवा में रखा जाए। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना आवश्यक है। 

क्या करें और क्या न करें 
प्रशासन द्वारा नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। नंगे सिर या नंगे पैर बाहर न निकलें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन कम करें क्योंकि ये शरीर को निर्जलित करते हैं। तला-भुना, मसालेदार और बासी भोजन से भी बचने की सलाह दी गई है। वहीं पर्याप्त पानी पीना, घर को ठंडा रखना और हल्का भोजन करना आवश्यक बताया गया है। 

श्रमिकों एवं नियोक्ताओं के लिए दिशा-निर्देश 
श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यस्थलों पर ठंडे पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने, कार्य समय में आवश्यक बदलाव करने तथा श्रमिकों को सीधे धूप से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए विश्राम की उचित व्यवस्था रखना और बीमार होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। 

पुलिस एवं यातायात कर्मियों के लिए सलाह 
ड्यूटी के दौरान पुलिस एवं यातायात कर्मियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, सुरक्षात्मक साधनों जैसे टोपी, धूप का चश्मा एवं सनस्क्रीन का उपयोग करने तथा यथासंभव छाया में रहने की सलाह दी गई है। दिन के समय ड्यूटी में युवा कर्मियों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सावधानी 
वरिष्ठ नागरिकों को घर के अंदर रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने तथा घर को ठंडा बनाए रखने के लिए पंखे, कूलर एवं पर्दों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। किसी भी प्रकार की अस्वस्थता महसूस होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है। देखभाल करने वालों को समय पर भोजन और पानी उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

राज्य एवं जिला स्तर पर व्यवस्थाएं 
राज्य स्तर पर लू प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो चेतावनी जारी करने और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करेंगे। जन-जागरूकता के लिए रेडियो, टेलीविजन, समाचार पत्र और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। स्वास्थ्य एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा स्कूलों के समय में भी आवश्यक परिवर्तन किए जा रहे हैं। 
      जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, प्रेस वार्ताएं और सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्याऊ घरों की स्थापना कर लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। 

विभागीय समन्वय एवं विशेष प्रबंधन 
नगरीय प्रशासन द्वारा पेयजल, आश्रय एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार, प्रशिक्षण और एम्बुलेंस सेवाएं (108/104) सुदृढ़ की गई हैं। श्रम विभाग द्वारा मजदूरों के कार्य समय में बदलाव और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के लिए पानी, चारा और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। वहीं जनसंपर्क विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार और आईटी विभाग द्वारा एसएमएस व व्हाट्सएप के माध्यम से अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। 

प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे लू से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। समय रहते सावधानी बरतकर ही लू जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेना अत्यंत आवश्यक है।