बेमेतरा में पोषण पखवाड़ा का आयोजन : बाल विकास और जागरूकता पर दिया गया विशेष जोर
बेमेतरा 17 अप्रैल 2026 - रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र बेमेतरा में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वाकांक्षी योजना “पोषण पखवाड़ा” के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही।
मस्तिष्क विकास पर केंद्रित इस वर्ष की थीम
वर्ष 2026 में आयोजित यह 8 वां पोषण पखवाड़ा है, जिसका मुख्य विषय “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के प्रारंभिक विकास, संतुलित आहार, मातृ एवं शिशु पोषण, तथा पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जीवन के पहले छह वर्ष बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
पोषण जागरूकता एवं स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों द्वारा पोषण से संबंधित विभिन्न गतिविधियां जैसे जागरूकता अभियान, चर्चा सत्र, पोस्टर प्रस्तुति एवं जन जागरूकता संदेशों का प्रसार किया गया। प्रतिभागियों को संतुलित आहार, स्वच्छता, एनीमिया नियंत्रण, कुपोषण उन्मूलन एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जानकारी को अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
09 अप्रैल से 23 अप्रैल तक चलेगा अभियान
पोषण पखवाड़ा का आयोजन दिनांक 09 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक किया जाना प्रस्तावित है। इस अवधि में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं समुदाय स्तर पर अनेक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य कुपोषण को समाप्त करना एवं समाज में पोषण के प्रति सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाना है।
कुपोषण मुक्त भारत की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि कुपोषण को समाप्त करने एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। पोषण पखवाड़ा जैसे अभियान न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि समाज को एक स्वस्थ और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।