हुड़दंग, तीन सवारी, स्टंटबाजी एवं अशांति फैलाने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई के दिए निर्देश
होली पर्व के दौरान सड़क पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्यवाही
अवैध शराब बिक्री, अवैध मादक पदार्थ गांजा, जुआ, सट्टा एवं अन्य नशीली दवाओं पर कार्यवाही करने दिए निर्देश
थाना/चौकी क्षेत्र में स्वयं प्रभारी को भ्रमण करने एवं निगरानी बदमाश, माफी एवं गुण्डा बदमाशो, सजायाब, सस्पेक्ट की चेकिंग करने आवश्यक निर्देश
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 28 फरवरी 2026 - पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने पुलिस कार्यालय के सभा कक्ष में अपराध समीक्षा एवं आगामी होली त्यौहार को दृष्टिगत रखते हुए जिले के पुलिस राजपत्रित अधिकारियों सहित थाना/चौकी प्रभारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली।
जिसमें आगामी होली त्यौहार नगर की परम्परा के अनुरूप शांतिपूर्वक एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में मनाने, होली त्यौहार में विशेष सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुये अपने अपने थाना क्षेत्रों में यदि किसी प्रकार के असामाजिक तत्व है तो उन संदिग्ध निगरानी बदमाशों पर निगाह रखने तथा आवश्यकता अनुसार उचित कानूनी कार्यवाही करने निर्देशित किये। आगामी त्यौहार के दौरान कानून व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुदृढ बनाए रखने नियम तोडने वालो पर सख्ती से कार्यवाही करने निर्देश दिए।
उन्होनें होली से पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी शुरू करने, होलीका दहन से पहले शहर की सुरक्षा व्यवस्था में बडी संख्या में चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात करने, होली में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए लगातार पुलिस पेट्रोलिंग करने, फ्लैग मार्च निकालने, होलिका दहन सुरक्षित एवं खुले स्थान पर हो, आसपास बिजली के तार, पैरावट, भूसा, सकरी गलियों में न किया जाय। इसके अलावा बीच सडक पर भी होली न जलाए, जिससे यातायात एवं दुर्घटना से बचा जा सके। थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित करने, बैठक में होली त्यौहार में शहर की सामाजिक सदभावना को हर हाल में बनाए रखने का आग्रह भी उपस्थित लोगों से करने, त्यौहार को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से सम्पन्न कराने निर्देश दिए।
उन्होनें होली पर्व के दौरान सोशल मीडिया में किसी भी प्रकार से धार्मिक, राजनितिक, सामाजिक द्वेष को बढाने वाले ऐसी कोई संदेशों को फॉरवर्ड न करें और साथ ही अपने आस पास के लोगों को ऐसा करने से रोकने की अपील की गई। दोपहिया वाहन में तीन सवारी, स्टंटबाजी, मार्ग में नशे की हालत में हुड़दंग/मारपीट करने एवं नशे की स्थिति में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। क्षेत्र के गुण्डा, निगरानी बदमाश एवं असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखते हुए प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। आगामी होली त्यौहार को ध्यान में रखते हुए अपने थाना क्षेत्र में स्वयं थाना प्रभारी को भ्रमण करने एवं निगरानी बदमाश, माफी एवं गुण्डा बदमाशो, सजायाब, सस्पेक्ट की चेकिंग करने आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
इसके अलावा डीआईजी ने थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि सभी थाना क्षेत्रों में अधिक से अधिक प्रतिबंधात्मक एवं माइनर एक्ट की कार्यवाही करने, ताकि अपराधों की रोकथाम की जा सके। न्यायालय द्वारा जारी समंस वारंटो की तामीली शत प्रतिशत करने, स्थाई वारंटों की तामिली शीघ्र करने, महिला एवं बच्चो संबंधी अपराधों का निराकरण करने, वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा दी गई विवेचना संबंधी बारिकियों पर विशेष रूप से ध्यान देने कहा तथा कार्यवाही में किसी भी प्रकार की कोई कोताही नही बरतने निर्देश दिए। धारा 170, 126, 135 (3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने, पेंशनदारान, 173 (8) के तहत आबकारी एक्ट के प्रकरण में फरार आरोपी एवं 299 के फरार आरोपियों को भी तस्दीक करने, लघु अधिनियम, जिला बदर एवं बाउंड ओवर की कार्यवाही करने, लंबित संमंस, लंबित वारंट व ऑपरेशन ईगल अभियान चलाकर स्थायी वारंट की तामिली किये जाने तथा संपत्ति सम्बन्धी अपराधों के आदतन आरोपियों पर पैनी नजर रख सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
डीआईजी ने अपराध नियंत्रण हेतु मुखबीरी/सूत्रों को बनाये रखने, थाना/चौकी प्रभारियो को अवैध शराब बिक्री, अवैध मादक पदार्थ गांजा, जुआ, सट्टा एवं अन्य नशीली दवाओं पर कार्यवाही करने, लंबित अपराधो, मर्ग, गुम, शिकायत और लंबित वारंटो की निकाल करने एवं शाम को चौक-चौराहों में विजिबल पुलिसिंग करने और रात्रि गस्त के दौरान संदिग्ध वाहनो की चेकिंग कार्यवाही करने व मजबूत सूचना तंत्र विकसित कर बेहतर पुलिसिंग करने तथा दुष्कर्म के प्रकरणों में प्रथम सूचना पत्र दर्ज करने के दिनांक से दो माह के भीतर विवेचना कार्यवाही पूर्ण करने दिशा-निर्देश दिए गए। महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों को एक अभियान चलाकर यथा शीघ्र निराकरण करने एवं गुम बालक/बालिकाओं को आपरेशन मुस्कान अभियान चलाकर दस्तयाब कर बरामद करने हेतु निर्देशित किया गया।
मोटरयान के प्रयोग से सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को ऐसी दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 07 दिन की अवधि के लिये किसी भी नाम निर्दिष्ट अस्पताल में प्रति पीड़ित को रूपये 150000 तक की कैशलेश उपचार की पात्रता प्रावधानित होने के संबंध में जानकारी प्रदान कर पीड़ित को योजना का लाभ मिल सके इसलिए कृत कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देश दिए गए।
उन्होनें रात में गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने "सशक्त एप" के माध्यम से वाहनों की चेकिंग कार्यवाही को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही सायबर प्रहरी एवं त्रिनयन एप व स्मार्ट और हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
उन्होनें सीसीटीएनएस योजनांतर्गत एमएलसी/पीएम रिपोर्ट को ऑनलाइन माध्यम से संबंधित अस्पतालों में भेजे जाने तथा एनसीआरबी नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-समंस पोर्टल, समन्वय पोर्टल, साइबर पुलिस पोर्टल (NCCRP), CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के उपयोग और संचालन के संबंध में एवं इस दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए टीम भावना से कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, डीएसपी (मुख्यालय) राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, रक्षित निरीक्षक प्रवीण खलखो एवं रीडर-1 निरीक्षक कृष्ण कांत सिंह, थाना/चौकी/सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, चंद्रदेव वर्मा, सत्य प्रकाश उपाध्याय, रोशन लाल तोड़े, लेखराम ठाकुर, उप निरीक्षक भुनेश्वर यादव, राजकुमार साहू, योगेश अग्रवाल, द्वारिका प्रसाद देशलहरे, राकेश साहू, यशवंत जांघेल, सहायक उपनिरीक्षक कवल सिंह नेताम, तुलाराम देशमुख, प्रधान आरक्षक ऐश्वर्य सिंह, सुखेलाल बंजारे, अनिल तिवारी, खोमलाल साहू, एएसपी रीडर महिला प्रधान आरक्षक वर्षा चौबे, आरक्षक मनीष देवांगन, गेल्विन साहू एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहें।