श्रेष्ठी कुर्मी समाज धमधाराज की पहल, कहा - शोक में सादा भोजन ही खिलाएं
श्रेष्ठी कुर्मी समाज धमधाराज का मटिया के वार्षिक अधिवेशन में महत्वपूर्ण निर्णय
समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 02 फरवरी 2026 - श्रेष्ठी कुर्मी समाज धमधाराज का वार्षिक अधिवेशन व प्रतिभावान सम्मान समारोह का आयोजन रविवार को ग्राम मटिया (बेरला) में किया गया। इस दौरान समाज हित में महत्वपूर्ण निर्णय व कक्षा 10 वीं-12 वीं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया। सचिव समीर वर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन व कोषाध्यक्ष अजय वर्मा ने वार्षिक आय-व्यय प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा समाज के अग्रज हिंदू हृदय सम्राट वीर शिवाजी महाराज एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल के तैल चित्र पर पूजा-अर्चना व माल्यार्पण कर किया गया। श्रेष्ठी कुर्मी समाज धमधाराज के अध्यक्ष अरुण वर्मा ने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य की नीव है, नींव जितनी मजबूत होगी उतनी जड़े हमारे समाज की मजबूत होंगी। समाज में शिक्षा तथा आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान छात्रों के उच्च शिक्षा पर समाज की ओर से ज्यादा से ज्यादा मदद करने पर जोर दिया।
मटिया इकाई के अध्यक्ष प्रेमलाल वर्मा ने कहा कि शिक्षा पाने का लक्ष्य केवल निजी या सरकारी विभाग में उच्च पदों पर आसीन होना नहीं है, बल्कि श्रेष्ठ समाज की रचना में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज के वार्षिक अधिवेशन में सभी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। वार्षिक अधिवेशन में उपस्थित नहीं होने पर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
इस अवसर पर कोसपातर इकाई अध्यक्ष प्रतिनिधि भरत वर्मा, सिलतरा इकाई अध्यक्ष घनाराम वर्मा, खजरी इकाई अध्यक्ष नारायण वर्मा, मटिया इकाई अध्यक्ष प्रेमलाल वर्मा, मनहरण वर्मा, देवेंद्र वर्मा, संतोष वर्मा, अशोक वर्मा, महेश वर्मा, अनिल वर्मा, प्रदीप वर्मा, द्वारिका वर्मा, जगदीश वर्मा, रामशरण वर्मा, अश्वनी वर्मा, माखन वर्मा, चुल्लू वर्मा, सोनू वर्मा, राजेश वर्मा, महेंद्र वर्मा, पप्पू वर्मा सहित बड़ी संख्या में धमधा राज के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
एक निश्चित लक्ष्य लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें - ओमप्रकाश
दुर्ग इकाई अध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि एक निश्चित लक्ष्य लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े, तो सफलता मिलती है। ये जिम्मेदारी सिर्फ बच्चे का ही नहीं, बल्कि पालक का भी होना चाहिए। विपरीत परिस्थिति में धैर्य से काम ले। प्रतिभाओं के सम्मान से बच्चों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है, इसलिए नई प्रतिभाओं को पल्लवित करने की जिम्मेदारी समाज की है।
बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए यह निर्णय :-
1.शोक के कार्यक्रम में साड़ी बांटना सख्त मना है।
2.प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के शिक्षा में ध्यान देना।
3.युवाओं को समाज के कार्य में आगे लाने के लिए किया जाएगा पहल।
4.दुख के कार्यक्रम में सामान्य भोजन कराना है, किसी भी प्रकार का विशेष भोजन नहीं रखना है।
5.समाज के सदस्यों के लिए ऋण की राशि 5000 से बढ़ाकर 7000 रुपये किया गया।
6.अगले वर्ष फरवरी 2027 में दुर्ग में वार्षिक महाधिवेशन कराने लिया निर्णय।
7.वैवाहिक योग्य युवक युवतियों के लिए कराया जाएगा विवाह परिचय सम्मेलन।
8.समाज मे सांस्कृतिक रीति-रिवाजों को सहेजने पर दिया दिया जोर।
9.बच्चों को मंदिर ले जाना, तिलक लगाना जैसे धार्मिक भावनाओं के प्रति जागरूक करना।
10.वार्षिक अधिवेशन में महिलाओं की 70 प्रतिशत उपस्थिति पर दिया जोर।