बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का बनेगा मजबूत माध्यम - बेमेतरा विधायक दीपेश साहू

बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का बनेगा मजबूत माध्यम - बेमेतरा विधायक दीपेश साहू 

बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर लोकार्पण एवं बर्ड सफारी शुभारंभ में विधायक दीपेश साहू विशिष्ट अतिथि के रूप मे हुए शामिल 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 09 दिसंबर 2025 - छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग दुर्ग वन मंडल द्वारा स्थापित बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का औपचारिक शुभारंभ आज ग्राम नगधा में आयोजित किया गया। प्राकृतिक संपदा से समृद्ध इस क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केदार कश्यप मंत्री वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा खाद्य मंत्री दयालदास दास बघेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने पूरे आयोजन को एक ऐतिहासिक व पर्यावरण अनुकूल पहल बताया।कार्यक्रम मे विधायक दीपेश साहू ने विशेषज्ञों के साथ विभिन्न जलविधि पक्षियों एवं स्थानीय प्रजातियों का अवलोकन किया। सेंटर में स्थापित प्रदर्शनी ने जैव विविधता, पक्षिविज्ञान और प्राकृतिक आवासों के महत्व को समझने में दर्शकों की मदद की। इसके साथ ही बर्ड सफारी ने उपस्थित जनों को वास्तविक प्राकृतिक आवासों में पक्षियों का सजीव अनुभव प्रदान किया।
इस दौरान अपने उद्बोधन में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने कहा गिधवा, परसदा और नगधा प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ स्थापित बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का मजबूत माध्यम बनेगा। यह पहल वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों को आर्थिक अवसर मिलेंगे बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान एक प्रकृति-संरक्षक राज्य के रूप में और भी सशक्त होगी।” उन्होंने आगे कहा मैं दुर्ग वन मंडल की पूरी टीम, क्षेत्रीय अधिकारियों और ग्रामवासियों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। प्रकृति और जैव विविधता की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस प्रकार के प्रयास पूरे समाज में पर्यावरणीय चेतना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या मे जन प्रतिनिधिगण, अधिकारी कर्मचारी, ग्रामीण, विद्यार्थी, प्रकृति प्रेमी और वन अधिकारी शामिल रहे। 

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