उर्वरकों का संतुलित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करें और किसानों की सुविधा का रखें ध्यान - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई

फसल बीमा किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करता है, अतः इसमें लापरवाही न बरती जाए - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई 

कलेक्टर की अध्यक्षता में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक, योजनाओं की प्रगति पर दिए अहम निर्देश 

176 प्रतिशत फसल सघनता के साथ बेमेतरा जिला हैं राज्य में प्रथम स्थान पर 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 30 दिसम्बर 2025 - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट के दिशा सभाकक्ष में कृषि विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न कृषि एवं किसान हितैषी योजनाओं, फसल बीमा, उर्वरकों की उपलब्धता, बैंकिंग समन्वय तथा आगामी कृषि गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए सभी योजनाओं का लाभ समय पर और शत-प्रतिशत पात्र किसानों तक पहुँचना चाहिए। 
 बैठक में उप संचालक कृषि मोरध्वज डडसेना, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, सहायक संचालक कृषि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी सहित जिले के वरिष्ठ एवं विकास अधिकारी उपस्थित रहे। 

कृषि की स्थिति - उप संचालक कृषि श्री डडसेना ने जिले की कृषि स्थिति पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि जिले में 94 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सर्कल के विरुद्ध वर्तमान में 57 सर्कल भरे हुए हैं। 

औसत वर्षा - जिले की औसत वार्षिक वर्षा 906 मि.मी. है, जबकि चालू वर्ष में लगभग 552 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। जिले का निरा फसल क्षेत्र 2.25 लाख हेक्टेयर तथा द्वि फसली क्षेत्र 1.72 लाख हेक्टेयर है। उल्लेखनीय रूप से जिले की फसल सघनता 176 प्रतिशत है, जिसके साथ बेमेतरा जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है। 

कृषक पंजीयन - कृषक उन्नति योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 1.65 लाख से अधिक कृषकों का पंजीयन लगभग पूर्ण हो चुका है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शेष पात्र किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराया जाए और योजना का लाभ सभी तक सुनिश्चित किया जाए। 

पीएम फसल बीमा योजना - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल कटाई प्रयोग सीसीई की प्रविष्टियाँ समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण करने तथा 31 दिसंबर 2025 से पूर्व समस्त किसानों का फसल बीमा कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि फसल बीमा किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करता है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। 

उर्वरक भंडारण एवं उपलब्धता - उर्वरक भंडारण एवं उपलब्धता की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 30600 मीट्रिक टन मांग के विरुद्ध डबल लॉक में 20285 मीट्रिक टन तथा सिंगल लॉक में 16694 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उर्वरकों का संतुलित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। 

पीएम आशा योजना - पीएम आशा योजना के अंतर्गत सोयाबीन, चना, मूंग, उड़द, सरसों एवं अरहर की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन समय पर कराने के निर्देश दिए गए। 

पीएम किसान सम्मान निधि योजना - वही समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लंबित e-KYC, आधार सीडिंग एवं भूमि सीडिंग के प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। 

केसीसी योजना - किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 1.86 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 1.59 लाख किसानों के केसीसी बनाए जा चुके हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शेष पात्र किसानों के केसीसी शीघ्र पूर्ण कर उन्हें सस्ती दरों पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 

बैठक में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने, रागी फसल के बीज उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा आगामी सप्ताह कृषि उत्पादन आयुक्त के संभावित भ्रमण को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कृषि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा किसानों की आय वृद्धि के लिए नवाचारों को अपनाने के निर्देश दिए।