बाबा का ‘सतनाम’ केवल एक आध्यात्मिक उद्घोष नहीं, बल्कि हैं सत्य, अहिंसा, समानता और मानवता पर आधारित जीवन दर्शन - मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

बाबा का ‘सतनाम’ केवल एक आध्यात्मिक उद्घोष नहीं, बल्कि हैं सत्य, अहिंसा, समानता और मानवता पर आधारित जीवन दर्शन - मंत्री गुरु खुशवंत साहेब  

‘मनखे-मनखे एक समान’ का सिद्धांत सामाजिक समरसता और समान अधिकारों की हैं मजबूत नींव - विधायक दीपेश साहू 

बाबा गुरु घासीदास की 269 वीं जयंती पर बेमेतरा विधानसभा के विभिन्न गांव मे भव्य आयोजन 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 26 दिसम्बर 2025 - बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सांकरा, सिरसा (सिंघौरी), बहुनावागांव एवं अछोली में सतनामी समाज एवं ग्रामवासियों द्वारा महान संत, समाज सुधारक बाबा गुरु घासीदास की 269 वीं जन्म जयंती एवं मड़ई मेला का आयोजन श्रद्धा, उल्लास एवं सामाजिक समरसता के वातावरण में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इन आयोजनों में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब (कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री) तथा बेमेतरा विधायक दीपेश साहू अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। 
कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जनसमूह को भावविभोर कर दिया। ग्राम सांकरा में वीरेंद्र चतुर्वेदी द्वारा प्रस्तुत पंथी नृत्य, वहीं ग्राम बहुनावागांव में जागृति पंथी पार्टी की गायिका कुमारी विनीता द्वारा प्रस्तुत पंथी नृत्य एवं गीत-संगीत ने सतनाम पंथ की परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। 
    ग्राम सिरसा (सिंघौरी) एवं अछोली में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन की गरिमा को और ऊँचाइयों तक पहुँचाया। 
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास का ‘सतनाम’ केवल एक आध्यात्मिक उद्घोष नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, समानता और मानवता पर आधारित जीवन दर्शन है। यह दर्शन समाज को जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एकता एवं सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। ”उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सतनामी समाज सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हर व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सके और सामाजिक न्याय को मजबूती मिले।” 
       बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था। ‘मनखे-मनखे एक समान’ का सिद्धांत सामाजिक समरसता और समान अधिकारों की मजबूत नींव है।” उन्होंने कहा कि बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र मे सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक एकता और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।” 
   विधायक श्री साहू ने आयोजकों एवं सतनामी समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बाबा गुरु घांसीदास के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। 
     कार्यक्रमों में भाजपा सरगुजा संभाग प्रभारी अवधेश सिंह चंदेल, प्रदेश मंत्री संध्या परगनिया, रजककार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि योगेश तिवारी, जिला पंचायत सभापति अंजनी प्रीतम चंदेल, संतोष साहू, मानक चतुर्वेदी, होलू राम साहू, डोमेन्द्र सिंह राजपूत, एन प्रकाश साहू, रामेश्वर देवांगन, अर्चना दिशलहरे, पोषण वर्मा, पोषण सिन्हा, दुर्गेश वर्मा, पुरुषोत्तम यादव, दिनेश चतुर्वेदी, सुशील चतुर्वेदी, नयन दास कुर्रे, चमन जांगड़े, राकेश चतुर्वेदी सहित अनेक जन प्रतिनिधिगण, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक बंधु, ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
   अंत में सभी वक्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह ने बाबा गुरु घांसीदास के “सतनाम” के अमर संदेश - सत्य, अहिंसा और मानवता को आत्मसात करते हुए समाज में समानता, सामाजिक एकता और सद्भाव को और अधिक सशक्त करने का संकल्प दोहराया।