थान खम्हरिया तहसील कार्यालय परिसर के खुले सैप्टिक टंकी को अब तक नहीं किया गया बंद
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 22 नवंबर 2025 - अधिकारियों की उदासीनता ने एक गौवंश की जान ले ली, अब दूसरी अन्य जीव प्राणियों की जान जोखिम में डालने का इंतजार कर रहे।
मामला हैं नगर पंचायत थान खम्हरिया का, जहां के तहसील कार्यालय के खुले व चालू सैप्टिक टंकी में गौमाता की गिरकर मृत्यु होने की घटना को लेकर धरना प्रदर्शन व चक्काजाम भी हुआ था, उसके बाद भी जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन अब भी गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसका प्रमाण यह है कि इतनी बड़ी घटना व आंदोलन होने के बाद भी उस तहसील कार्यालय के खुले सैप्टिक टंकी को बंद नहीं किया गया है।
जिसको लेकर एक बार फिर विश्व हिंदू परिषद बजरंग बल बेमेतरा के जिला सह संयोजक गणेश वैष्णव ने कहा कि लगता हैं अब अधिकारियों को और दूसरी निर्मम घटना या हादसा होने का इंतजार है। एक जिम्मेदार अधिकारी इतना गैरजिम्मेदार वह भी हिन्दू धर्म का होकर कैसे हो सकता हैं। इन अधिकारियों को क्या हर बात के लिए धरना प्रदर्शन व चक्काजाम की भाषा ही समझ आती हैं।
ज्ञात हो कि नगर पंचायत थान खम्हरिया के तहसील परिसर में चालू व खुला सेप्टिक टैंक हैं, जिसमें अभी कुछ दिनों पूर्व अधिकारियों के लापरवाही व गैरजिम्मेदाराना कार्य के चलते गौमाता की गिरकर मृत्यु हो गई। जिसको लेकर बजरंग दल और गौ सेवकों का गुस्सा फूटा और उक्त अधिकारियों पर कार्यवाही को लेकर कोदवा में धरना प्रदर्शन व चक्काजाम किया गया था। जिसमें उच्च अधिकारी द्वारा एक माह में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया तब जाकर धरना प्रदर्शन व चक्काजाम समाप्त हुआ था।
वही सेप्टिक टैंक से गाय को निकालने के बाद भी टैंक को ढँका नहीं गया है, जिससे कभी भी जान माल को हानि हो सकती है। विश्व हिंदू परिषद बजरंग बल बेमेतरा के जिला सह संयोजक गणेश वैष्णव ने बताया कि 15 नवंबर को जानकारी मिलते ही थान खम्हरिया पहुँच कर मृत गौवंश को सभी के सहयोग से तो बाहर निकाला गया था। मगर सोचने वाली विषय यह है कि आखिर 5-6 दिन के बाद भी उस सेप्टिक को बंद नहीं किया गया। शासन प्रशासन आपनी आंखें क्यो मूंदे बैठे है। अन्य जीव प्राणियों की जान जोखिम में डालने को क्या शासन प्रशासन मजबूर है ?
इस सेप्टिक टैंक को बंद नहीं करने के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो रहा हैं। तहसील कार्यालय में किसान बंधु, बुज़ुर्ग लोगो का आवाजाही लगा हुआ रहता हैं जिनके स्वास्थ पर गंभीर असर पड़ने की भी संभावना बनी रहती हैं।