विद्यार्थियों में समसामयिक विषयों में गहन चिंतन व वाद विवाद से बढ़ाता हैं सोचने की तर्क शक्ति - प्राचार्य पीएल जायसवाल

विद्यार्थियों में समसामयिक विषयों में गहन चिंतन व वाद विवाद से बढ़ाता हैं सोचने की तर्क शक्ति - प्राचार्य पीएल जायसवाल 

डीएवी जांता में "सोशल मीडिया वरदान या अभिशाप" विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - दाढ़ी क्षेत्र का एक मात्र सीबीएसई विद्यालय डीएवी स्कूल जांता में विद्यालय के चारों सदनों के बीच "सोशल मीडिया" वरदान या अभिशाप" विषय पर एक रोचक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को समसामयिक विषयों पर सोचने, तर्क प्रस्तुत करने तथा मंच पर बोलने का अवसर देना था।
       इस प्रतियोगिता में श्रद्धानंद सदन, दयानंद सदन, विवेकानंद सदन और महात्मानंद सदन के प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों पर प्रभावशाली तरीके से अपने विचार प्रस्तुत किए।
    प्रतियोगिता का निर्णायक मंडल विद्यालय के प्राचार्य पीएल जायसवाल एवं वरिष्ठ शिक्षक ललित देवांगन द्वारा किया गया। श्रद्धानंद सदन ने यह प्रतियोगिता जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस सदन ने सोशल मीडिया के वरदान पक्ष का समर्थन करते हुए यह दर्शाया कि यह प्लेटफॉर्म शिक्षा, सूचना, वैश्विक संवाद और प्रतिभा प्रदर्शन का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।
      दयानंद सदन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस सदन ने सोशल मीडिया के अभिशाप पक्ष को मजबूती से रखते हुए बताया कि यह प्लेटफॉर्म मानसिक स्वास्थ्य, गोपनीयता और युवाओं के नैतिक पतन पर बुरा प्रभाव डालता है।
           प्रतियोगिता में अन्य दोनों सदनों ने भी सराहनीय प्रस्तुति दी और सभी विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुति दी।
         विद्यालय के प्राचार्य पीएल जायसवाल ने विजयी प्रतिभागियों को बधाई दी एवं सभी विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया। वाद विवाद प्रतियोगिता को सफल बनाने मे ललित देवांगन, गोविंद साहू, अकलेश पटेल, आयुषी जैन, दीपिका वर्मा, विमल साहू, ऐश्वर्य देशमुख, साक्षी शर्मा, संदीप कुमार साहू, ममता चंद्राकर, अमित कुमार साहू, अभिषेक कुमार, प्रवीण कुमार, शोभा रानी, पूनम शर्मा, रेणुका पटेल, रितिका साहू, राजा तंतुवाय, लेखनी चंद्राकर, प्रीति यादव, बालेश्वर, स्वप्निल, आर्य निधि, गौरी यादव, भारती, अनिल कुमार, कैलाश सिंह, सुखदेव साहू, रूखमणी, रामेश्वरी, युवराज चंद्राकर, नरेश, विजय चंद्राकर, सुभाष आदि सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिए।