प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/साजा - मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना छतीसगढ़ के अंतर्गत बच्चों को विभिन्न तरह की विपरीत स्थितियों, स्कूलों में घटने वाली आकस्मिक घटनाओं, चौमासा के दरमियान वर्षा, आंधी तूफान, आकाशीय बिजली आदि से सुरक्षित रखने का निर्देश विभागीय रुप से समय-समय पर जारी किया गया है। इस हेतु शालाओं में शिक्षकों को नवाचारी कदम उठाने की भी प्रेरणा विभागीय तौर पर दी गई है। इसका अनुपालन करते हुए साजा नगर निवासी राष्ट्रपति पुरस्कृत प्रधान पाठक रामकुमार वर्मा ने अपने समुदाय विस्तार सेवा के अंतर्गत संकल्पित 25 शालाओं को प्रदान करने के क्रम में यह चौथा स्कूल शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साजा में अपने द्वारा बनाए गए आपदा प्रबंधन सायरन शाला के प्राचार्य एके गुप्ता को भेंट की। उन्होंने इसका संचालन प्रार्थना सभा के दरमियान बच्चों के मध्य करते हुए बताया कि शाला परिसर, किसी भी कक्षा या स्थल पर किसी तरह की दुर्घटना होने, जहरीले कीड़े-मकोड़े, सर्प आदि निकलने, आग लगने जैसी आपदापूर्ण स्थितियों में सायरन बजाकर सभी बच्चों को सचेत किया जा सकता है। तब सायरन की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी यह समझने का हर संभव प्रयास करेंगे कि शाला में कोई घटना घटित हो गई है। ऐसे में सतर्क होकर बच्चों की सुरक्षा के लिए सहयोग भी कर सकते हैं। इसका संचालन करके लाल, पीला, हरा आदि बल्ब जलाकर संकेत प्रणाली को समझने हेतु बच्चों को प्रेरित किया गया। इसके लिए शाला के प्राचार्य एके गुप्ता, प्रधान पाठक एचएल मिर्झा, शालेय स्टाफ संगीता राजपूत, रेखा वर्मा, टिकेश्वर साहू, रुपसिंह जंघेल व शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष धरमचंद जैन ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है।