प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - चीन देश के कुछ राज्यों में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के प्रकरण पाए जा रहे हैं। भारत में अब तक कुल 8 मामले सामने आए हैं। कर्नाटक में 2, गुजरात में 1, तमिलनाडु में 2 और महाराष्ट्र में 3 मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने संक्रमण पर नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
HMPV के सामान्य लक्षण में खांसी, नाक बहना, गले में खराश या जलन और कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। यह वायरस स्व-सीमित संक्रमण हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में अधिक सतर्कता की आवश्यकता हैं। सरकार ने सर्विलांस और जांच प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। आम जनता को सलाह दी गई हैैं कि वे संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता बनाए रखें, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें और लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सावधानी ही बचाव हैं।
Incubation Period : (इनक्यूबेशन पीरियड) ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस संक्रमण होने एवं लक्षण उत्पन्न होने के बीच के समय इनक्यूबेशन पीरियड (Incubation Period) सामान्यतः 3 से 6 दिन का होता हैं। Incubation Period (इनक्यूबेशन पीरियड) का हिंदी में अर्थ हैैं ऊष्मायन अवधि या संक्रमण अवधि। यह वह समय होता हैैं जब किसी संक्रमण या बीमारी का कारण बनने वाला जीवाणु, वायरस, या अन्य रोगजनक शरीर में प्रवेश करने के बाद लक्षण प्रकट करने में समय लेता हैं, अत:सावधानी बरतें।
संक्रमण का प्रसार : खासने या छीकने से निकलने वाले ड्रापलेटस, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से अथवा नजदीकी संपर्क में आने से, दूषित सतह पर हाथ लगाने पश्चात, मुँह, नाक या ऑखों को छूने से फैल सकता हैं।
हाई रिस्क आयु समूह : 5 वर्ष के कम उम्र के बच्चे, शिशु, वृद्ध और विशेषकर 65 वर्ष अधिक आयु, कमजोर इम्युनिटी वाले लोग, अस्थमा या सीओपीडी जैसी श्वसन समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों को अधिक जोखिम होता हैं।
रोकथाम हेतु दिशा-निर्देश : साबुन और पानी से हाथ धोना। अस्पताल या अन्य भीड-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें। बिना धुले हाथों से आंख, नाक या मुंह को छूने से बचें। बीमार लोगों के निकट संपर्क से बचें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल से ढकें। श्वसन तंत्र संबंधी लक्षण/बीमारी होने पर घर पर ही रहें।